सत्यवती वृतांत (भाग-३)
SATYAVATI STORY(PART-3)


              आज हम इस सत्यवती वृतांत के भाग - ३ में  देखेंगे कि मत्स्यगंधा से सत्यवती नाम पाने के बाद सत्यवती किस प्रकार राजा शांतनु से मिली।  तथा कैसे उनके मध्य प्रेम हुआ और किस प्रकार राजा शांतनु ने सत्यवती का हाथ माँगा। और फिर तभी सत्यवती के पिता की किस प्रकार की शर्त उन दोनों के विवाह के मध्य रुकावट बना। तथा किस प्रकार शांतनु का मन व्याकुल सा रहने लगा, और किसने शांतनु की समस्या का समाधान किया। क्या अहम् भूमिका रही देवव्रत की सत्यवती और शांतनु को मिलान में। और फिर अंत में दोनों का किस प्रकार विवाह हुआ। अगर आपको सत्यवती के राजा शांतनु से मिलने के पहले के जीवन के बारे में नहीं  पता, तो आप एक बार सत्यवती वृतांत भाग - १ और सत्यवती वृतांत भाग -२ अवश्य देखें।  सत्यवती की पूर्ण जानकारी का पता लग सके। 

            Today we will see in Part - 3 of this Satyavati Story, how Satyavati met King Shantanu after getting the name Satyavati from Matsyagandha. And how there was love between them and how King Shantanu asked for Satyavati's hand. And then only what kind of condition of Satyavati's father became a hindrance between their marriage. And how Shantanu's mind started to get distraught, and who solved Shantanu's problem. Did Devvrat's Satyavati and Shantanu play an important role in Milan? And then in the end how the two got married. If you do not know about the life before Satyavati's King Shantanu, then you must see Satyavati Vrittanta Part-1 and Satyavati Vritanta Part-2 once. Complete information on Satyavati could be found.






Sketch By:-Krishna Sahu 



शान्तनु सत्यवती को देखे,

पड़े प्रेम में अब वे ऐंसे।

प्रेम में ऐंसी सुध बुध खोये


राज काज पर नजर ना होये।


शान्तनु हाथ सत्यवती का मांगा,

मुखिया मछुआरे मन लालच जागा।

मछुआरा मारा शर्तों का तीर,

शान्तनु का मन हुआ अधीर। 


पुत्री का पुत्र ही हो युवराज,

मेरी यही शर्त महाराज।

व्यथित हृदय शांतनु  घर आए,

सत्यवती मन से ना जाए।


मुख निष्तेज दुर्बल काया,

दशा देख देवव्रत घबराया।

कारण पता चला जब उनको,

स्वयं वचन दे सत्यवती को। 


सदा रहूंगा मैं बृम्हचारी,

अटल प्रतिज्ञा यही हमारी।

सत्यवती शान्तनु ब्याह हुआ अब,

सुखद दाम्पत्य जीवन हुआ तब।  

To Be Continued.....
Stay tune With



सत्यवती का दूसराभाग देखने के लिए सत्यवती वृतांत भाग - २  देखिये 
To see the first part of Satyavati, see Satyavati Story - Part 2



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