श्री रामजी के बारे में रोचक जानकारी। Interesting Fact About Shri Ram

Ram Darbar


1. श्री रामजी का जन्म कब हुआ :--


               राम की कथा से सम्बद्ध सर्वाधिक प्रमाणभूत ग्रन्थ आदिकाव्य वाल्मीकीय रामायण में रामजी के जन्म के बारे में प्रमाण है : 

 चैत्रे नावमिके तिथौ।।
नक्षत्रेऽदितिदैवत्ये स्वोच्चसंस्थेषु पञ्चसु।
ग्रहेषु कर्कटे लग्ने वाक्पताविन्दुना सह।। 

               अर्थात् चैत्र मास की नवमी तिथि में पुनर्वसु नक्षत्र में, पांच ग्रहों के अपने उच्च स्थान में रहने पर तथा कर्क लग्न में चन्द्रमा के साथ बृहस्पति के स्थित होने पर श्री रामजी का जन्म हुआ। 

Birth Of Prabhu Shri Ram


2. भगवान सूर्य के वंशज हैं श्री राम :--


               भगवान राम का जन्म “इक्ष्वाकु” वंश में हुआ था जिसकी स्थापना भगवान सूर्य के पुत्र “राजा इक्ष्वाकु” ने की थी, इसी कारण भगवान राम को “सूर्यवंशी” भी कहा जाता है। गंगा ह को भी धरती पर श्री राम के वंशज भगीरथ द्वारा घोर तपस्या करके लाया गया है।

3. भगवान विष्णु के सातवें अवतार हैं भगवान राम :--

 
7th Avatar Of lord Vishnu


               भगवान राम को भगवान विष्णु के 10 अवतारों में 7 वां अवतार माना जाता है, भगवान राम से पहले भगवान विष्णु ने मत्स्य (मछली), कूर्म (कछुआ), वराह (सूअर), नरसिंह (मनुष्य एवं सिंह), वामन  (ब्राह्मण), परशुराम, फिर सातवे अवतार में मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के रूप में अवतार लिया। बाद मे द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण, कलयुग में भगवान बुद्ध और बाद में  कल्कि अवतार होना बाकी है। 

4. भगवान विष्णु का 394वां नाम है “राम” :--


               विष्णु सहस्रनाम नामक पुस्तक में भगवान विष्णु के एक हजार नामों की सूची दी गई है, इस सूची के अनुसार, भगवान विष्णु का 394वां नाम ही "राम" है।

5. भगवान राम का नामकरण के बारे में :--


               भगवान राम का नामकरण रघुवंशियों के गुरू महर्षि वशिष्ठ ने किया था, महर्शि वशिष्ठ के अनुसार “राम” शब्द दो बीजाक्षरों “अग्नि बीज” और “अमृत बीज” से मिलकर बना है। ये अक्षर दिमाग, शरीर और आत्मा को शक्ति प्रदान करते हैं। 

6. राम नाम स्मरण करने का फल :--


               महाभारत में वर्णित है कि एक बार भगवान शिव ने कहा था कि श्रीराम का नाम तीन बार उच्चारण करने से हजार देवताओं के नामों का उच्चारण करने के बराबर फल की प्राप्ति होती है। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि भगवान शिव भी ध्यानावस्था में भगवान राम के नाम का ही उच्चारण करते हैं। 

7. किसने किया भगवान राम का अपहरण :--


               रावण के भाई अहिरावण ने भगवान राम और लक्ष्मण का अपहरण किया था और महामाया देवी को बलि देने के लिए उन्हें पाताल लोक में ले गया था। तभी भगवान हनुमानजी ने अहिरावण को मारकर भगवान राम और लक्ष्मण को मुक्त कराया था। 

8. भगवान राम का राज्यकाल :--


               भगवान राम ने ग्यारह हजार वर्षों तक अयोध्या राज्य पर शासन किया था। राम न्यायप्रिय थे, अपने शासन के दौरान राम ने अयोध्या के लोगों के लिए कई यज्ञ भी किए। अयोध्या की प्रजा पहले से ही राम को अयोध्या का सबसे अच्छा और आदर्श राजा मानती थी। उन्होंने अपने पुत्रों को राज्य का कामकाज संभालने के लिए तैयार किया।
                इस स्वर्णिम काल को “राम राज्य” के रूप में जाना जाता है l 

9. श्रीलंका जाते समय राम सेतु का निर्माण एवं लम्बाई :--

Ram Setu


               मुख्य शिल्पकार “नल” और “नील" के रक्षण में राम सेतु का निर्माण वानर सेना द्वारा किया गया था। जो तमिलनाडु के रामेश्वरम से शुरू होकर श्रीलंका के मन्नार तक बनाया गया था। इस पुल की लंबाई लगभग 30 किलोमीटर थी और इसे बनाने में 6 दिन का समय लगा था। 

10.  भगवान राम द्वारा समाधि लेना :--

Prabhu Shri Ram Jal Samadhi


 
               ऐसा माना जाता है कि जब सीता ने पृथ्वी के अन्दर समाहित होकर अपने शरीर का परित्याग कर दिया तो उसके बाद श्रीराम ने सरयू नदी में जल समाधि लेकर पृथ्वीलोक का परित्याग किया था।
 
               भगवान राम ने सभी के लिए जीवन जीने हेतु सही रास्ते का आदर्श प्रस्तुत किया है। अतः हम सभी भगवान राम के महान आदर्श को अपनी जिन्दगी में अपनाएं और उनके आशीर्वाद से अपना जीवन सफल बनाएं।

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